मेरे इरादों को वह समझ नहीं पाए आज तन्हाई में हमको घुटना नहीं पड़ता
जब रूठ जाता हूं उसके मनाने का तरीका देखकर और रूठ जाने का मन करता है
तुम्हें मेरी फिक्र नहीं रहती किस चीज की मुझे जरूरत है तन्हाई में जीने की आदत होती जा रही है
उस बेवफा ने मेरे मोहब्बत को धीरे-धीरे कुतर दिया अच्छी खासी जिंदगी बर्बाद हो गई है
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